सिंड्रेला की कहानी – Cinderella Ki Kahani Hindi Mai.

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Cinderella Ki Kahani In Hindi

Cinderella Ki Kahani In Hindi :- आज हम बच्चों के लिए एक बहुत ही खूबसूरत कहानी लेकर आए हैं | इस कहानी में हम यह जानेंगे , कि कैसे एक दिन में एक लड़की की पूरी जिंदगी बदल जाती है और वह अपने सपनों को पा लेती है | इस कहानी में हमें यह पता चलेगा , कि जब हमें लगता है , कि सब कुछ खत्म हो चुका है | तभी एक नई जिंदगी की शुरुआत होती है और अच्छे लोगों के साथ हमेशा अच्छा ही होता है | तो चलिए जानते हैं , Cinderella Ki Kahani in Hindi जो जादू और रोमांच से भरी हुई है |

सिंड्रेला की कहानी

यह कहानी एक खूबसूरत और प्यारी लड़की की है , जिसका नाम था सिंड्रेला | सिंड्रेला स्वभाव से बहुत ही शांत और समझदार लड़की थी | वह अपनी सौतेली मां और अपनी दो सौतेली बहनों के साथ रहती थी , जो उसके साथ बहुत ही बुरा व्यवहार करते थे | सिंड्रेला की सौतेली मां को वह बिल्कुल पसंद नहीं थी और इसीलिए अक्सर वह सिंड्रेला से घर का सारा काम कराती थी | उसकी सौतेली बहने घर का कोई भी काम नहीं करती थी। वे हमेशा अच्छे कपड़े पहन कर पूरे घर में हुकुम चलाते घूमते थे और किसी अमीर राजकुमार से शादी करने के सपने देखते थे | वह हमेशा सिंड्रेला का मजाक उड़ाते थे , क्योंकि वह बहुत ही शादे कपड़े पहनती थी | वे अपना सारा काम सिंड्रेला से ही कराते थे | वे सब सिंड्रेला से एक नौकर की तरह काम कराते थे | सिंड्रेला एक अनाथ बच्ची थी | वह अपने मम्मी पापा को बहुत मिस करती थी पर फिर भी वह कभी किसी से लड़ाई नहीं करती थी और जो भी काम उसे दिया जाता था , वह उसे चुपचाप कर लेती थी | सिंड्रेला की सौतेली बहने उससे जलती थी , क्योंकि सिंड्रेला एक बहुत ही खूबसूरत लड़की थी | वह बिना कोई साज सज्जा किए भी खूबसूरत लगती थी | वहीं दूसरी ओर दोनों बहने खूबसूरत दिखने के लिए कितनी भी मेहनत कर ले और कितने भी अच्छे कपड़े और गहने पहन ले वह उतने खूबसूरत नहीं लगते थे और इसी जलन में वह हर रोज सिंड्रेला को परेशान किया करते थे |

1 :- राजमहल से निमंत्रण

एक दिन की बात है , उनके घर राजा की तरफ से एक निमंत्रण आत है , जिसमें लिखा होता है , कि वह राजकुमार के लिए नृत्यसभा करा रहे हैं | जिसमें राज्य की सारी लड़कियों को आना है और उसमें से राजकुमार किसी एक लड़की को अपना जीवनसाथी चुनेंगे | सब लोग बहुत ही खुश हो जाते हैं | दोनों बहने सजने सवरने में लग जाती हैं , राजकुमार को आकर्षित करने के लिए | सिंड्रेला भी उस नृत्यसभा में जाना चाहती थी , क्योंकि उसने पहले कभी राजा का महल नहीं देखा था | सौतेली मां सिंड्रेला से कहती है , कि अगर वह घर का सारा काम जल्दी खत्म करती है और उसकी दोनों बहनों की तैयार होने में मदद कर दे , तो वह भी राजमहल आ सकती है | सिंड्रेला बहुत खुश हो जाती है और वह जल्दी सारा काम खत्म कर लेती है पर फिर भी अंत में सिंड्रेला की सौतेली मां और उसकी बहने उसे धोखा देकर , अकेले घर में छोड़ कर चली जाती है | सिंड्रेला बहुत ही ज्यादा उदास हो जाती है , उसे उसकी जिंदगी बहुत ही बुरी लगने लगती है | उसे लग रहा था , कि उसे अब अपनी सारी जिंदगी एक नौकर की ही तरह जीनी होगी और उसकी जिंदगी कभी नहीं बदल पाएगी |

2 :- जादुई परी

सिंड्रेला भागते हुए गार्डन में जाती है और वहां जाकर वह खूब रोती है और कहती है , कि सपने कभी पूरे नहीं होते | तभी उसे एक आवाज आती है , जो कहती है , कि तुम गलत कह रही हो | वह देखती है , कि सामने एक छोटी सी परी है | वह परी देखने में तितली की तरह दिख रही थी और उसके हाथ में एक जादुई छड़ी थी | वह सिंड्रेला को राजमहल जाने में उसकी मदद करना चाहती थी | वह अपनी जादुई छड़ी घुमाती है और सिंड्रेला एक बहुत ही खूबसूरत राजकुमारी की तरह दिखने लगती है | वह उसे बहुत ही सुंदर से कपड़े , एक बहुत ही प्यारी सैंडल , जो चमक रही होती है और राजमहल तक जाने के लिए एक सुंदर से घोड़े की सवारी देती है | वह परी सिंड्रेला से कहती है , कि तुम्हें 12:00 बजे से पहले वापस आ जाना है क्योंकि उसके बाद जादू का असर खत्म हो जाएगा और तुम फिर से एक आम लड़की की तरह दिखने लग जाओगी | सिंड्रेला को अपनी आंखों पर भरोसा नहीं हो रहा था | वह बहुत खुश हो जाती है , यह सोच कर कि  थोड़े देर के लिए ही सही पर वह अच्छा समय बिताएगी और वह खुशी-खुशी राजमहल जाने के लिए निकल जाती है |

3 :- सिंड्रेला और राजकुमार

जब सिंड्रेला राजमहल पहुंचती है , तो सब उसकी खूबसूरती को देखते ही रह जाते हैं | सिंड्रेला वहां पर आई हुई लड़कियों में से सबसे खूबसूरत थी | उसकी सौतेली बहने भी उसे पहचान नहीं पाती है | राजकुमार सिंड्रेला को देखते हैं , तो उसकी खूबसूरती और सादगी को देखते ही उसे सिंड्रेला से प्यार हो जाता है | वहां पर आए सारी लड़कियों को सिंड्रेला से बहुत जलन होती है | उस रात राजकुमार सिंड्रेला के साथ बहुत देर तक डांस करते हैं | सिंड्रेला को इतना मजा आ रहा था , कि वह जादुई परी की बताई हुई बात भूल जाती है पर वह जैसे घड़ी की ओर देखती है | उसमें 12:00 बजने वाले होते हैं और तभी वह वहां से घर जाने के लिए निकल जाती है | जल्दी-जल्दी में सिंड्रेला की एक चमकीली सैंडल महल में ही छूट जाती है |

4 :- सिंड्रेला की खोज

राजकुमार को सिंड्रेला से प्यार हो जाता है और वह उससे शादी करना चाहते थे पर मुश्किल यह थी , कि राजकुमार सिंड्रेला का नाम भी नहीं जानते थे | लेकिन फिर भी वह सिंड्रेला की एक छुटी हुई सैंडल से उसकी खोज करने लग जाते हैं | अगले दिन राजकुमार राजमहल में काम करने वाले लोगों को उस लड़की की खोज में भेजते है | जिसके पैर में वह चमकीला सैंडल फिट आ जाए | जब राजकुमार वह सैंडल लेकर सिंड्रेला के घर पहुंचते हैं , तो सिंड्रेला की बहने पूरी कोशिश करती है , कि वह सैंडल उसके पैर में आ जाए , ताकि उनकी शादी राजकुमार से हो सके पर उनकी लाख कोशिश के बाद भी वह सैंडल उन्हें फिट नहीं आती है | फिर वह राजकुमार सिंड्रेला को वह सैंडल पहनने को कहता है | वह सैंडल सिंड्रेला के पैर में फिट आ जाती है और राजकुमार उसे पहचान जाते हैं | जिसके बाद राजकुमार और सिंड्रेला बहुत ही आलीशान तरीके से शादी करते हैं और वह दोनों अपना जीवन एक दूसरे के साथ खुशी-खुशी बिताते हैं | इस तरह से एक सच्ची लड़की को उसका सच्चा प्यार मिल जाता है और सिंड्रेला की पूरी जिंदगी बदल जाती है |


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