Dosti Story In Hindi

Dosti Story In Hindi | दोस्त की कहानी

एक गांव में शुभ और अशुभ दो दोस्त रहते थे | शुभ सीधा-साधा पर बुद्धिमान इंसान था। वह छल और कपट करना नहीं जानता था परंतु अशुभ एक बहुत ही बुरा इंसान था | वह बहुत भी लालची था | उसे अपने जीवन में संतुष्टि नहीं थी और इसीलिए हमेशा पैसे कमाने के लिए वह नई-नई योजनाएं बनाया करता था | वह अपने दोस्त शुभ को उस योजना का हिस्सा बनाता था , ताकि वह उसकी पैसे कमाने में मदद कर सके | शुभ हमेशा उसकी बात मान जाता था |

अब अशुभ के दिमाग में आता है , कि क्यों ना वह शुभ के साथ मिलकर दूसरे देश में व्यापार करें ताकि वह और भी ज्यादा पैसे कमा सकें | वह शुभ से इस बारे में पूछता है और शुभ हमेशा की तरह हां कर देता है | दोनों दोस्त अपने देश से बहुत सारा सामान लेजाकर विदेश में बेच देते हैं | वहां के लोग उन सामानों को मुंह मांगे दाम में खरीदते हैं , जिसकी वजह से उन्हें बहुत फायदा होता है | उनका विदेश में व्यापार करना सफल होता है और वह बहुत सारे पैसे कमा लेते हैं |

वे वापस घर लौट रहे होते हैं , तभी अशुभ एक तरकीब सोचता है , जिससे कि वह उन कमाए हुए पैसों का ज्यादा हिस्सा खुद के पास रख सके | वह शुभ से कहता है , कि अगर हम इतना सारा पैसा गांव लेकर जाएंगे | तो हमें बहुत से नुकसान होंगे। जैसे कि कुछ लोग हमसे ईर्ष्या करने लगेंगे , तो कुछ हमसे उधार मांगने लगेंगे और पैसों के चोरी होने का डर भी तो है। इसीलिए हमें आधे पैसे यही जंगल में गड़ा देने चाहिए , ताकि जब भी जरूरत हो हम उसे बाहर निकाल ले। शुभ उसकी यह बात भी मान जाता है और वह जंगल में पैसे गड़ा कर चले जाते हैं |

अगले दिन कपटी अशुभ चुपचाप वह गड़े हुए पैसे निकाल कर ले जाता है | कुछ दिनों बाद शुभ को पैसों की जरूरत होती है और वह अशुभ से कहता है , कि हमें वह गड़े हुए पैसे अब निकाल लेने चाहिए। दोनों साथ में जंगल जाते हैं पर वहां उन्हें पैसे नहीं मिलते ।अब अशुभ जानबूझकर रोने का नाटक करता है और पैसे चोरी करने का इल्जाम शुभ पर लगा देता है। दोनों एक दूसरे से झगड़ा करने लग जाते हैं | वे दोनों न्यायधीश के पास पहुंचते हैं और उन्हें सारा किस्सा बताते हैं। न्यायधीश सोचने में लग जाते हैं की कैसे पता लगाएं कि दोनों में से कौन सच बोल रहा है ? अशुभ उन्हें कहता है , कि वह जंगल के देवता से पता लगाएंगे कि कौन सच्चा है और कौन झूठा। न्यायधीश इस बात को मान जाते हैं |

अशुभ पहले से ही जंगल के एक बड़े से पेड़ में अपने छोटे भाई को बिठा देता है ताकि वह जंगल का देवता होने का नाटक कर सके। जब सब जंगल पहुंचते हैं , वे जंगल के देवता से पूछते हैं , कि वह बताएं कि पैसों की चोरी किसने की है ? अशुभ का भाई शुभ का नाम लेता है | शुभ को कुछ गलत होने की आशंका होती है और वह पेड़ पर चढ़े अशुभ के भाई को देख लेता है। वह उस पेड़ में आग लगा देता है , जिससे बचने के लिए अशुभ का छोटा भाई नीचे कूद जाता है। यह देखकर न्यायधीश को अशुभ की सारी चाल समझ आ जाती है और वह उसे मौत की सजा सुना देते हैं।

शिक्षा:- इस कहानी ( Dosti Story In Hindi ) से हमें यह शिक्षा मिलती है , कि हमें कभी लालच नहीं करना चाहिए। जो मिला है उसमें संतुष्ट रहना चाहिए। दूसरों की चीजों पर नजर लगाने से अंत में हमारा ही बुरा होता है।

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