रॅपन्ज़ेल की कहानी | Rapunzel Story In Hindi

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Rapunzel Story In Hindi

आज हम बच्चों के लिए एक रॅपन्ज़ेल की कहानी ( Rapunzel Story In Hindi ) लेकर आए हैं , जो की बहुत ही रोचक है | इस कहानी में हम देखेंगे की कैसे एक छोटी सी बच्ची बचपन से लेकर बड़े होते तक अच्छी जिंदगी जीने के लिए संघर्ष करती है और अंत में उसका पूरा जीवन बदल जाता है | यह कहानी है , एक बहुत ही बड़े और खूबसूरत बालों वाली रैपअंजेल की |

रॅपन्ज़ेल की कहानी | Rapunzel Story In Hindi

Rapunzel Story In Hindi 

शहर से दूर एक महाद्वीप में एक पति और पत्नी रहा करते थे | दोनों एक दूसरे के साथ हमेशा हंसी खुशी रहते थे | बस एक चीज की कमी थी , कि उनके पास कोई संतान नहीं थी | उन्हें इस बात का बहुत अफसोस था | बहुत खोज करने के बाद उन्हें पता चलता है , कि अगर उनकी पत्नी रॅपन्ज़ेल नाम की जड़ी बूटी खाती है , तो उन्हें संतान अवश्य हो जाएगी | पति पत्नी बहुत खुश होते हैं पर मुश्किल यह थी , कि वह जड़ी बूटी आसानी से मिलने वाली चीज नहीं थी | एक दिन उन्हें पता चलता है , कि उनके पड़ोस में ही रह रही जादूगरनी के बगीचे में यह जड़ी बूटी है | जादूगरनी से सब डरा करते थे और अगर वे उससे रॅपन्ज़ेल की जड़ी बूटी मांगते तो वह कभी नहीं देती | इसीलिए पति रोज उस पौधे की पत्तियों को चुराकर अपनी पत्नी के लिए लाया करता था |

एक दिन जादूगरनी को इस बात की भनक पड़ जाती है । वह उस आदमी को रंगे हाथों पकड़ लेती है और उसे कैद कर लेती है | पति बहुत गिडगिडाता है पर फिर भी जादूगरनी उसे नहीं छोड़ती | जादूगरनी का कहना था , कि वह उसे एक ही शर्त पर छोड़ेगी , कि वह अपनी होने वाली संतान उसे सौंप दें | ना चाहते हुए भी दोनों पति-पत्नी को इस बात को मानना पड़ता है और फिर अपनी संतान वे जादूगरनी को दे देते हैं |

जादूगरनी अपनी जिंदगी में हमेशा से ही अकेले रही थी और इसीलिए वह उस संतान को पाकर बहुत खुश होती है | वह संतान एक लड़की थी और जादूगरनी उसका नाम रॅपन्ज़ेल रखती है , जो कि उस पौधे का नाम है | जिसे खाकर उसकी मां ने उसे जन्म दिया था | जादूगरनी रॅपन्ज़ेल का बहुत अच्छे से पालन पोषण करती है और उससे बहुत प्यार भी करती है | देखते ही देखते रॅपन्ज़ेल बड़ी हो गई। जब वह 15 वर्ष की हुई तो वह बहुत ही सुंदर व आकर्षक कन्या में बदल गई | रॅपन्ज़ेल को देखने वाले लोग उसकी खूबसूरती से बहुत आकर्षित हो जाते थे और उससे बात करने की कोशिश करते थे | जादूगरनी को यह बात बिल्कुल पसंद नहीं थी , क्योंकि वह नहीं चाहती थी , कि उसकी बेटी उसके अलावा किसी और से बात करें और ना ही वह यह चाहती थी , कि उसकी कभी किसी से शादी हो। इसीलिए वह रॅपन्ज़ेल को एक बहुत ही ऊंची मीनार में कैद कर देती है जिसमें ना ही कोई दरवाजा होता है और ना ही कोई सीडी होती है | रॅपन्ज़ेल बहुत ऊंचाई में रहती थी , जहां पर सिर्फ एक छोटी सी खिड़की थी | जादूगरनी हर सुबह रॅपन्ज़ेल से मिलने जाती थी और वह उस मीनार में उसके बालों की मदद से चढ़ती थी | रॅपन्ज़ेल की एक खासियत थी , उसके बाल बहुत ही लंबे और सुनहरे थे | जब भी जादूगरनी मीनार के नीचे आती थी , वह रॅपन्ज़ेल से कहती थी , कि तुम अपने बाल नीचे डाल दो , ताकि मैं उसकी मदद से ऊपर आ सकूं और वह उससे मिल लेती थी | इसी तरह से कुछ साल गुजर जाते हैं पर अब रॅपन्ज़ेल को उस मीनार में अकेले रहना रास नहीं आ रहा था। वह बहुत ही दुखी रहने लगी थी | उसे उसकी जिंदगी बेकार लगने लगी थी |

एक दिन एक बहुत ही बड़े राज्य का राजकुमार उस महाद्वीप में घूमने आया था | वह रॅपन्ज़ेल के मीनार से गुजर रहा था , कि उसे एक बहुत ही प्यारी आवाज सुनाई दी जो कि रॅपन्ज़ेल के गाने की थी | राजकुमार रॅपन्ज़ेल के गाने को सुनकर मोहित हो जाता है और वह जानना चाहता था , कि उस मीनार में कौन रहती है | तभी वहां जादूगरनी आती है और राजकुमार छुपकर जादूगरनी को देख रहा होता है | वह देखता है , कि कैसे जादूगरनी किसी लड़की को अपने बाल नीचे करने को कह रही है और उसके सहारे वह ऊपर चड रही है | अब राजकुमार को समझ आ गया था , कि उसे उस मीनार के अंदर कैसे पहुंचना है | जादूगरनी के जाने के बाद रात में राजकुमार मीनार के पास जाकर  कहता है , कि रॅपन्ज़ेल अपने सुनहरे बालों को नीचे डालो और उसके ऐसा कहते ही वह अपने बालों को नीचे डाल देती है और राजकुमार रॅपन्ज़ेल के पास पहुंच जाता है। रॅपन्ज़ेल राजकुमार को देखकर आश्चर्यचकित रह जाती है | राजकुमार रॅपन्ज़ेल से पूछता है , कि वह इस मीनार में कैद क्यों है ? तब रॅपन्ज़ेल राजकुमार को अपनी व्यथा सुनाती है | राजकुमार और रॅपन्ज़ेल दोनों एक दूसरे को बहुत पसंद करने लगे थे और उनकी दोस्ती दिन-ब-दिन बढ़ती जा रही थी , क्योंकि जादूगरनी के जाने के बाद राजकुमार हर रात को रॅपन्ज़ेल से मिलने आता था |

एक दिन जादूगरनी को इस बात की भनक लग गई और वह गुस्से में आकर रैपअंजेल को घने जंगल में छोड़ कर आ गई और खुद उस मीनार में चली गई | रॅपन्ज़ेल को जंगल में छोड़ कर आने से पहले जादूगरनी ने उसके सुनहरे बालों को काट लिया | जब राजकुमार उस मीनार में पहुंचा तो उसने रॅपन्ज़ेल से अपने बालों को नीचे डालने के लिए कहा | बाल तो नीचे आ गए पर राजकुमार को यह नहीं पता था , कि उस मीनार में रॅपन्ज़ेल नहीं वह जादूगरनी है | जैसे ही वह राजकुमार बालों की मदद से मीनार के अंदर पहुंचा जादूगरनी को उस पर बहुत गुस्सा आया और उसने उसे खिड़की से धकेल दिया | खिड़की से गिरने के बाद राजकुमार की आंखों को बहुत नुकसान पहुंचा और वह अंधे हो गए | जब राजकुमार खिड़की से नीचे गिरे तो वह उन बालों को लेते हुए गिरे जिसकी वजह से जादूगरनी उस मीनार मे फस जाती हैं और कुछ दिनों तक वहां रहने के बाद वह भूखी प्यासी उस मीनार में ही मर जाती है |

इधर राजकुमार उस पूरे महाद्वीप में अंधे होकर भी जगह-जगह रैपअंजेल को खोजते हैं और वह उसे रैपअंजेल के असली माता पिता के घर मिलती है , जो रॅपन्ज़ेल को जंगल से खोज कर अपने घर ले आए थे | राजकुमार जैसे ही रॅपन्ज़ेल को गले लगाते हैं , उनकी आंखें वापस आ जाती है और दूसरी ओर रॅपन्ज़ेल के भी लंबे सुनहरे बाल फिर से वापस आ जाते हैं | आखिर में  रॅपन्ज़ेल को उसके असली माता पिता भी मिल जाते हैं और थोड़े दिनों में उसकी शादी राजकुमार से भी हो जाती है। रॅपन्ज़ेल के जीवन में फिर से खुशियां आ जाती है और सब कुछ ठीक हो जाता है |

शिक्षा:- इस कहानी ( Rapunzel Story In Hindi ) से हमें यह शिक्षा मिलती है , कि बुरे लोगों के साथ हमेशा बुरा होता है वहीं दूसरी ओर अच्छे लोगों के साथ अंत में ही सही पर सब कुछ ठीक हो जाता है और इसीलिए हमें हमेशा अच्छाई का रास्ता चुनना चाहिए और जिंदगी में कभी हार नहीं मानना चाहिए | हमें हमेशा भरोसा रखना चाहिए , कि हमारी जिंदगी जरूर बेहतर हो जाएगी | इसी भरोसे के कारण Rapunzel और राजकुमार फिर से एक दूसरे से मिल पाते हैं और अपना आगे का जीवन खुशी-खुशी बिता पाते हैं और इसी भरोसे के कारण रैपअंजेल अब एक राज्य की रानी बन चुकी थी | इसीलिए संघर्ष करते रहिए और आगे बढ़ते रहिए |

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