बच्चों के लिए कहानियां – Bacho ke liye kahaniyan | Hindi Stories For Kids In Hindi

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Bacho ke liye kahaniyan

आज हम बच्चों के लिए कहानियां , Bacho Ke Liye Kahaniyan लेकर आए हैं , जिनको पढ़कर आपको कुछ ना कुछ शिक्षा जरूर मिलेगी | इंटरनेट की दुनिया बहुत तेजी से बढ़ रही है और छोटे बच्चे हिंदी कहानियां ऑनलाइन ही पढ़ रहे हैं | इसलिए आज हम अभी आपको कुछ हिंदी स्टोरीज फॉर किड्स के बारे में बताएंगे , तो ज्यादा समय मिले तो चलिए शुरू करते हैं |

Hindi Moral Stories For Kids , बच्चों के लिए कहानियां

#1 :- अच्छी चुड़ैल की कहानी ( Bacho Ke Liye Kahaniyan ) 

Bacho ke liye kahaniyan

रामपुर नाम के गांव में एक चुड़ैल रहती थी। वह चुड़ैल उस गांव के बहुत ही विराने जगह में रहती थी , जहां कोई आता जाता नहीं था। वह चुड़ैल हमेशा ही बहुत अकेला महसूस करती थी । उसे भी लोग चाहिए थे , जिनके साथ वह हंस बोल सके पर वह चुड़ैल दिखने में बहुत ही डरावनी थी, जिसके कारण सब उससे दूर भागते थे। वह हमेशा काला कपड़ा पहना करती थी, उसके बाल और नाखून बहुत ही लंबे थे और आंखें भी बड़ी डरावनी थी। पर वह चुड़ैल दिल की बहुत अच्छी थी।

नया साल आने वाला था और इस बार वह चुड़ैल इसे अकेले नहीं मनाना चाहती थी। उसने सोचा कि इस बार वह नया साल छोटे बच्चों के साथ मनाएगी। वह अपने जादू से बहुत सारी मिठाइयां और चॉकलेट ले आती है , ताकि वो बच्चों को इसे बांट सके।

नए साल के पहले दिन चुड़ैल अपने घर से निकलती है और आसपास के इलाकों में घूमती है। जैसे ही वह इंसानों के बीच पहुंचती है , सब उसे देख कर भाग जाते हैं। उसका मन बहुत दुखी होता है पर फिर भी वह अपने मन को मना लेती है | यह सोच कर कि छोटे बच्चे उसकी मिठाइयां जरूर खाएंगे और उसके साथ खेलेंगे भी। आगे जाने पर उसे कुछ बच्चे खेलते हुए नजर आते हैं , वह मुस्कुराते हुए उनके पास जाती हैं पर चुड़ैल का इतना भयानक रूप देखकर सारे बच्चे वहां से भाग जाते हैं।

चुड़ैल एक कोने में बैठ कर रोने लगती हैं। तभी उसके पास एक लड़की आती है और उससे पूछती है:- क्या हुआ तुम क्यों रो रही हो ?

इस पर चुड़ैल जवाब देती है:- सब मुझसे डर कर भाग जाते हैं | कोई मेरे साथ नहीं रहना चाहता मैं इन बच्चों के लिए मिठाईयां लाई थी , पर वह मुझसे कभी नहीं लेंगे | वे सब मुझसे नफरत करते हैं।

इस पर वह छोटी बच्ची कहती है:- मेरा नाम छाया है मैं भी बच्ची हूं पर मैं तुमसे बिल्कुल नफरत नहीं करती क्या तुम मुझे अपनी मिठाई दोगी।

चुड़ैल अपना आंसू पोछते हुए पूछती है:- क्या तुम सच भी मेरी मिठाई खाओगी ? इस पर छोटी बच्ची बोलती है:- बिल्कुल तुम इतने प्यार से लाई हो मैं क्यों नहीं खाऊंगी।

चुड़ैल हंसते हुए छोटी बच्ची को मिठाई का एक डब्बा दे देती हैं और वह बच्ची रंग बिरंगी मिठाइयां देखकर बहुत खुश हो जाती हैं । चुड़ैल छोटी बच्ची से कहती है:- मैं हमेशा अकेली रहती हूं और मेरा कोई दोस्त नहीं है , क्या तुम मेरी दोस्त बनोगी। इस पर छोटी बच्ची कहती है:- अगर तुम रोज मुझे ऐसी ही मिठाइयां दोगी तो मैं जरूर तुम्हारी दोस्त बनूंगी और दोनों जोर जोर से हंसने लग जाते हैं।

वे दोनों थोड़ी देर तक बाते करते हैं , जहां छाया चुड़ैल को अपने स्कूल की और अपने परिवार की बातें बताती है और चुड़ैल बड़े ही प्यार से उसकी बातों को सुन रही होती है। वह छाया कि शरारती बातों का मजा ले रही होती है। चुड़ैल बहुत खुश होती है। जब छाया चुड़ैल को बताती हैं , कि उसे खेलते वक्त बहुत जोर से लग गई तो चुड़ैल तुरंत अपने जादू से उसका घाव ठीक कर देती है और उसका सारा दर्द गायब हो जाता है। छाया यह देखकर बहुत चौक जाती है और वह चुड़ैल का शुक्रिया अदा करती है। उसके बाद वह चुड़ैल वापस अपने घर चली जाती है यह वादा करके कि वो छाया से फिर से मिलने जरूर आएगी।

शिक्षा:- अगर हम किसी को प्यार देते हैं तो हमें हमेशा बदले में प्यार मिलता है फिर चाहे वह कोई भी हो प्यार की भाषा सब समझते हैं कभी भी किसी को जाने बिना उससे नफरत नहीं करनी चाहिए बाहर से डरावना दिखने वाला इंसान भी दिल का बहुत अच्छा हो सकता है।

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बच्चों के लिए कहानियां

#2 :- भीम की चालाकी ( Bacho ke liye kahaniyan ) 

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राजू स्कूल का बहुत ही शरारती बच्चा था, जिससे बाकी बच्चे डरा करते थे। वह एक अकेला सारे बच्चों पर हावी होता था । वह खुद को सर्वश्रेष्ठ समझता था । वो दूसरे बच्चों का टिफिन खा जाता था और उनसे अपना होमवर्क भी कराता था और मना करने पर उनके पुस्तकें फाड़ भी देता था। सारे बच्चे राजू से बहुत परेशान थे , पर डर कि वजह से कोई टीचर से उसकी शिकायत नहीं करता था।

एक दिन स्कूल में एक नया बच्चा आता है, जिसका नाम था भीम। भीम बहुत ही होशियार बच्चा था, वह राजू से डरता भी नहीं था। जब भी राजू उसके साथ कुछ गलत करने की कोशिश करता था वह तुरंत जाकर टीचर से उसकी शिकायत कर देता था। भीम के आने के बाद बच्चों के मन से राजू का खौफ चला गया, जिसकी वजह से राजू भीम से नफरत करने लगा।

भीम के पास एक डायरी थी , जो उसे बहुत पसंद थी। वह अक्सर इस डायरी को स्कूल लाया करता था और उसमें लिखी चीजों के बारे में अपने दोस्तों को बताया करता था | एक दिन भीम से बदला लेने के लिए राजू ने वह डायरी चुरा ली।

गेम्स पीरेड मे सारे बच्चे बाहर खेल रहे थे, तब भीम को पता चला उसके बैग से उसकी डायरी गायब है। वह समझ गया कि ये काम राजू का है। वह तुरंत राजू के पास जाकर उसे उसकी डायरी लौटाने को कहता है।

राजू भीम से कहता है :- मैं तुम्हारी डायरी तुम्हें तभी लौटाऊंगा जब तुम मुझसे वादा करोगे , कि तुम टीचर से अब मेरी शिकायत नहीं करोगे।

भीम राजू से कहता है:- तुम सब को परेशान करना बंद कर दो , मैं तुम्हारी शिकायत है करना बंद कर दूंगा। राजू को पता था कि भीम इतनी आसानी से मानने वाला नहीं है , तो वह एक चाल चलता है |

मैदान में बहुत सारे सफेद और काले पत्थर पडे होते हैं। राजू कहता है , कि एक थैली में मैं एक सफेद और एक काला पत्थर डालूंगा तुम उसमें से एक पत्थर निकालना अगर सफेद पत्थर निकलता है , तो मैं तुम्हारी डायरी भी तुम्हें वापस दे दूंगा और बच्चों को परेशान करना भी छोड़ दूंगा और अगर काला पत्थर निकलता है , तो तुम्हारी डायरी भी तुम्हें वापस नहीं मिलेगी और तुम टीचर से मेरी कंप्लेन करना छोड़ दोगे।  भीम को ना चाहते हुए भी राजू के इस बात को मानना पड़ता है।

राजू एक खेल खेलता है , वह थैली में चुपके से दो काले पत्थर रख देता है, जिसे भीम देख लेता है और वह उसकी सारी चाल समझ जाता है। पर भीम भी बहुत होशियार होता है वह थैली से एक पत्थर निकालता तो है , पर उसे निकालकर वह उसे जमीन में फेंक देता है और वह काला पत्थर नीचे पड़े बाकी पत्थरों के साथ मिल जाता है, जिससे समझ नहीं आता कि उसने कौन सा पत्थर निकाला था।

भीम कहता है:- अब जबकि मेरा निकाला हुआ पत्थर नीचे गिर गया है, तो हम यह देख लेते हैं की थैली में कौन सा पत्थर बचा हुआ है । थैली में काला पत्थर होता है और सब यह बात मान जाते हैं , कि भीम ने सफेद पत्थर निकाला था। और इसी तरह राजू की चालाकी को मात देते हुए भीम इस खेल में जीत जाता है। भीम को उसकी डायरी भी वापस मिल जाती है और राजू सब को परेशान करना छोड़ देता है।

बच्चों के लिए कहानियां , Hindi Stories For Kids In Hindi

#3 :- मासूम रिया ( Bacho ke liye kahaniyan )

रिया एक बहुत ही शांत बच्ची थी। वह हमेशा अपने में ही खोए रहती थी। स्कूल में उसका कोई दोस्त नहीं था। वह अकेले ही बैठा करती थी और अकेले ही टिफिन भी किया करती थी पर वो पढ़ाई में काफी होशियार थी और बहुत समझदार भी थी।

रिया के क्लास में एक लड़का था , जिसका नाम था चिराग । चिराग बहुत ही शरारती था, वो रिया को बहुत परेशान किया करता था और हमेशा सबके सामने उसका मजाक बनाता था। रिया उसके सामने कुछ नहीं बोल पाती थी और घर आकर अपनी मम्मी के सामने रोने लगती  थी।

वह अपनी मम्मी से पूछती थी:- मैं बाकी लोगों जैसी क्यों नहीं हूं, मेरे कोई दोस्त क्यों नहीं है वह सब मेरा हमेशा मजाक उड़ाते हैं ऐसा क्यों मम्मी ।

उसकी मम्मी उसे कहती है:- बेटा तुम सब से बहुत अलग हो, क्योंकि तुम एक सच्ची और अच्छी बच्ची हो। तुम्हें किसी के लिए बदलने की जरूरत नहीं है। कभी ना कभी लोगों को तुम्हारी अच्छाई दिखाई देगी और तुम्हारे दोस्त भी बनेंगे। तुम जैसी हो वैसे ही रहो और खुश रहा करो। रिया अपने आंसू पोछकर मम्मी की गोद में सर रखकर सो जाती है।

अगले दिन क्लास में चिराग बहुत ही शरारत कर रहा होता है , जिसकी वजह से मैडम उसे ब्लैक-बोर्ड पर गणित का सवाल देती है। चिराग जीतनी शरारत करता था , उससे भी ज्यादा पढ़ाई में बुद्धू था। उसे पढ़ना लिखना कुछ खास पसंद नहीं था और उसे गणित बिल्कुल समझ नहीं आता था। और इसी वजह से चिराग वह सवाल नहीं कर पाया और मैडम उसे क्लास से बाहर निकाल देती है।

क्लास के बाद रिया चिराग के पास जाती है और चिराग उसे देखकर शर्म की वजह से नजरें झुकाए हुए खड़ा होता है।

रिया उससे कहती है:- क्या तुम्हें गणित पढ़ने में कोई परेशानी है ? मैं तुम्हारी मदद कर दूं ? ताकि आगे से मैडम तुम्हें कोई सवाल पूछे कि तुम उसका जवाब दे सको।

चिराग रिया से पूछता है:- तुम मेरी मदद क्यों करना चाहती हो , मैं तो हमेशा तुम्हें परेशान करते रहता हूं।

रिया कहती है:- मैं इसीलिए तुम्हारी मदद करना चाहती हूं , ताकि उसके बदले तुम मुझे सबके सामने चिढ़ाना छोड़ दो और मेरे दोस्त बन जाओ।

चिराग खुश होकर रिया को हां बोल देता है , जिसके बाद दोनों बहुत अच्छे दोस्त बन जाते हैं। दोनों के जिंदगी में जो कमियां थी , वह एक दूसरे की मदद से उन्होंने दूर कर दी। रिया को एक दोस्त मिल गया और चिराग को उसकी पढ़ाई में मदद करने वाला मिल गया।

शिक्षा:- इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है , कि जब आप अच्छे होते हैं तो देर से ही सही लोगों को आपकी अच्छाई दिखती है। और वह आपको पसंद भी  करने लगते हैं। इसीलिए कभी अच्छाई का रास्ता ना छोड़े और हमेशा सब से प्रेम पूर्वक व्यवहार करें।

छोटे बच्चों के लिए मनोरंजन हिंदी कहानियां | Stories For Kids In Hindi 

#4 :- प्यारे पापा (Bacho ke liye kahaniyan ) 

प्यारे पापा

रमन एक बहुत ही अच्छा बच्चा था, जिससे सब बहुत प्यार करते थे। वह घर का लाडला था, बहुत शरारती भी था और उसका ध्यान खेलने-कूदने में लगा रहता था। रमन को सुबह उठना पसंद नहीं था और इसी वजह से वह अक्सर स्कूल जाने में लेट हो जाता था। रमन के पापा ने बहुत कोशिश की, कि उसे सुबह उठने की आदत डल जाए पर उनकी हर कोशिश हमेशा नाकाम हो जाती थी। लेकिन उन्होंने हार नहीं मानी। उन्होंने रमन को सुबह जल्दी उठाने की एक तरकीब निकाली।

एक दिन रमन के पापा उससे पूछते हैं , कि क्या उसे पता है कि सूरज कहां से निकलता है और कहां पर डूबता है।

रमन कहता है:- इसका जवाब तो बहुत आसान है, सूरज पूर्व से निकलता है और पश्चिम में डूबता है। यह सुनकर रमन के पापा कहते हैं , कि तुम गलत कह रहे हो बेटा सूरज तो पश्चिम से उगता है और पूर्व में जाकर डूब जाता है।

रमन कहता है:- नहीं पापा आप गलत कह रहे हैं, सूरज पूर्व से ही उगता है , मेरी टीचर ने मुझे पढ़ाया है और वह गलत नहीं हो सकती।

इस बात पर रमन के पापा कहते हैं:- ठीक है फिर कल सुबह उठकर देख लेते हैं कौन सही है और कौन गलत। रमन अपने पापा की बात मान लेता है और सुबह उठने को तैयार हो जाता है।

अगली सुबह रमन के पापा उसे सूरज उगने से पलहे उठाने आते हैं। रमन उठने में थोड़ी आना-कानी करता है पर जब उसे कल की बात याद आती है , तो वह तुरंत उठ जाता है।

वह दोनों छत जाते हैं और सूरज को उगते हुए देखते हैं, रमन अपने पापा से कहता है :- देखा पापा मैंने सही कहा था , सूरज तो पूर्व से ही उगता है।

उसके पापा सर हिलाते हुए कहते हैं:- हां बेटा मैंने मान लिया कि तुम सही थे और मैं गलत पर क्या तुमने इससे पहले कभी उगता हुआ सूरज देखा है। रमन कहता है:- नहीं पापा यह तो बहुत ही खूबसूरत है।

इसे देखने के लिए तो मैं रोज जल्दी उठ सकता हूं। पापा कहते हैं:- बिल्कुल बेटा हर एक इंसान को सुबह जल्दी उठना चाहिए। इससे हम कुदरत की ऐसी खूबसूरत चीजें देख सकते हैं, मन शांत रहता है और सारा काम समय पर हो जाता है।

अब रमन रोज सुबह सूरज उगने से पहले उठ जाता है और कभी स्कूल के लिए लेट भी नहीं होता। रमन के पापा ने इस तरह से आखिरकार रमन को सुबह उठने की आदत डाल हि दी, जो कि आगे जाकर उसे एक अच्छा इंसान बनने में मदद करेगी। सच में हम सब के पापा गजब के होते हैं उनके बिना हम जिंदगी में कुछ नहीं कर सकते।

बच्चों के लिए कहानियां | Moral Stories For Kids 

#5 :- चंदा और सूरज ( Bacho ke liye kahaniyan )

बहुत समय पहले की बात है सितारा नाम के गांव में एक आदमी रहता था, जिसका एक बेटा था सूरज और एक बेटी थी चंदा। सूरज और चंदा की मां का उनके बचपन में ही देहांत हो गया था जिसके बाद उनकी सौतेली मां आई जिन्हें वे कुछ खास पसंद नहीं करते थे, क्योंकि वह उनके साथ बुरा व्यवहार करती थी और इसी के चलते एक दिन चंदा और सूरज किसी को बिना बताए घर छोड़ कर चले जाते हैं।

बहुत देर तक चलने के बाद सूरज को प्यास लगती है और उसे कुआं दिखता है वो उस कुए से पानी पीने ही वाला होता है कि उसके अंदर से आवाज आती है:- यह पानी मत पियो वरना तुम हिरण बन जाओगे। यह सुनकर चंदा सूरज को पानी पीने से मना करती है। वह दोनों इस बात से अनजान थे कि उनकी सौतेली मां एक डायन है और यह सब वही कर रही है। थोड़ा और आगे जाने के बाद उन्हें फिर एक कुआं मिलता है। जहां से वही आवाज आ रही होती है, पर इस बार सूरज खुद को रोक नहीं पाता और उसका पानी पी लेता है और वह एक हिरण बन जाता है।

चंदा को जंगल के पास एक छोटी सी कुटिया मिलती है, जहां पर दोनों खुशी-खुशी रहते हैं। एक दिन वहां का राजा जंगल में शिकार करने आता है। चंदा सूरज को बाहर जाने से मना करती है ताकि राजा उसका शिकार ना कर ले। सूरज उसकी एक नहीं सुनता और वहां से निकल जाता है। चंदा उसे कहती है जब तुम वापस आओगे तो दरवाजा खटखटा कर कहना छोटी बहन मुझे अंदर आने दो मैं तभी तुम्हें अंदर आने दूंगी। सूरज मान जाता है। सूरज राजा और उनके साथियों को दिन भर घूमाता है पर वह उनके हाथ नहीं आता। आखिर में घर जाकर वह वही शब्द दोहराता है और चंदा उसके लिए दरवाजा खोल देती हैं। राजा चुपचाप यह सब कुछ देख रहा होता है और अब उसे पता था कि सूरज के घर का दरवाजा कैसे खुलवाना है।

अगले दिन सूरज के घर से निकलने के बाद राजा उस कुटिया में जाकर कहता है:- छोटी बहन मुझे अंदर आने दो, चंदा दरवाजा खोल देती है । राजा को चंदा की खूबसूरती भा जाती है और वह उससे शादी कर लेता है साथ ही सूरज को भी अपने साथ रख लेता है।

जब उनकी सौतेली मां को यह बात पता चलती है तो उसे बहुत गुस्सा आता है। वह नौकरानी का वेश धारण कर महल में घुस जाती है और चंदा के दूध में एक पोषण मिलाकर उसे दे देती है। वह दूध पीकर चंदा की मौत हो जाती है।

चंदा की मौत के बाद उसकी आत्मा हमेशा महल में सबको दिखती रहती थी और एक दिन चंदा राजा के सपने में आकर उसे अपने सौतेली मां की सच्चाई बताती है। राजा यह बात सुनकर बहुत गुस्सा करता है और वह उसकी सौतेली मां को मृत्युदंड दे देता है। क्योंकि सौतेली मां एक डायन थी तो उसके मरते ही उसके जादू का असर खत्म हो जाता है, जिसके बाद चंदा वापस लौट आती है और सूरज फिर से इंसान बन जाता है और राजा उसे अपने दरबार में मंत्री बना देता है जिसके बाद सब हंसी-खुशी अपना जीवन बिताते हैं|


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