तोते की कहानी Story In Hindi

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Tote Ki Kahani 

जग्गू नाम का एक तोता था , जग्गू तोता झूठ बोलने में काफी उस्ताद था| उसे बड़ी-बड़ी डींगे मारने में बहुत मजा आता था| वैसे तो जंगल के बहुत से जानवर इस बात को समझने लगे थे , कि जग्गू तोता सिर्फ झूठ बोलता है पर फिर भी उसने अपनी आदत नहीं छोड़ी|  एक बार जंगल में एक नई चिड़िया आई और जग्गू ने सोचा , कि अब वह उसे अपने झूठ का शिकार बनाएगा | जग्गू तोता उस चिड़िया के पास गया और हमेशा की तरह बड़ी-बड़ी डींगे मारने लगा| उसने चिड़िया से कहा  कि वह अभी-अभी एक शाही दावत से आ रहा है, जहां पर उसे खाने के लिए एक से एक पकवान मिले|

वह चिड़िया जग्गू की बातों पर भरोसा भी कर रही थी , क्योंकि वह उसकी असलियत नहीं जानती थी| तभी वहां पर कौवा आता है और वह कौवा जग्गू तोता को झूठ बोलने पर उसकी निंदा करता है पर जग्गू को इस बात से फर्क थोड़ी ना पड़ता था| वह मुंह टेढ़ा करके वहां से चलता बनता है|

जग्गू अपनी आदत के चलते जंगल के हर एक जानवर के पास जाकर बड़ा से बड़ा झूठ बोल कर आ जाता था| कभी वह कहता , कि वह मोर से भी अच्छा नाच सकता है , तो कभी कहता , कि वह आसमान में दूसरे पंछियों से भी ज्यादा ऊंचा उड़ सकता है , तो कभी वह कहता कि उसके पास बहुत सारा पैसा है और वह बहुत अमीर है| इसी तरह के झूठ से जग्गू तोता की जिंदगी चल रही थी|

एक दिन बहुत ही सुंदर सा कबूतर जंगल में आया| जंगल के बाकी जानवर उसे देखकर बहुत खुश हुए और उससे पूछने लगे, कि वह कहां से आया है| जैसे ही जग्गू तोता ने उस चिड़िया को देखा अपनी आदत के चलते वह फिर डींगे मारने लगा| जग्गू कबूतर से कहता है , कि वह पूरी दुनिया घूम चुका है और उसे सबसे खूबसूरत होने का खिताब भी मिला है|

कबूतर उससे कुछ कहना चाह रहा था पर जग्गू तोता उसकी एक नहीं सुनता और खुद की तारीफ करते हुए झूठ पर झूठ बोलता चला जाता है| जग्गू कबूतर से कहता है , कि वह बहुत अमीर है और उसका शाही परिवार में आना जाना लगा रहता है| तो कबूतर जग्गू से कहता है , कि अगर ऐसी बात है , तो उसे वहां से चले जाना चाहिए | क्योंकि वह खुद शाही परिवार से आया है , जहां के राजा जग्गू तोता को काम में रखना चाहते थे , जिसमें उसे अच्छा खाना और अच्छे रहने की जगह भी मिलती पर जबकि जग्गू पहले से ही इतना अमीर है , तो उसे इन सब की क्या जरूरत है?

जग्गू को अपनी गलती का एहसास होता है और वह कबूतर से कहता है , कि वह सब झूठ बोल रहा था| कबूतर उसकी एक नहीं सुनता है और वहां से चला जाता है| कौवा जग्गू को ताना मारता है , कि उसकी झूठ बोलने की आदत की वजह से आज उसने इतना बड़ा अवसर खो दिया|  अब जग्गू को भी अपनी गलती का एहसास होता है , जिसके बाद वह सब से माफी मांगता है और अपनी झूठ बोलने की इस आदत को पूरी तरह से छोड़ देता है|


शिक्षा ( Tote Ki Kahani ) :-  इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है , कि झूठ बोलने से हम बहुत बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं और झूठ बोलने से अंत में सिर्फ हमारा ही नुकसान होता है| इसीलिए चाहे सच कैसा भी हो हमें वही बोलना चाहिए|

तो अंत में दोस्तों आपको हमारा हमारी यह Tote Ki Kahani कैसी लगी ? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और हम आपको यह सलाह देते हैं , कि आपको कभी झूठ नहीं बोलना चाहिए |

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