टोनी चिड़िया की कहानी – Tony Chidiya Ki Kahani

Tony Chidiya Ki Kahani :- बरगद के पेड़ पर Tony चिड़िया अपने पूरे परिवार के साथ में रहती थी। उसका परिवार बहुत बड़ा था। Tony चिड़िया के परिवार के आधे लोग Tony की तरह सुंदर थे और आधे लोग काले भूरे रंग के थे।

जिस ग्रुप में सुंदर चिड़िया थी , वह लोग काले भूरे चूड़ियों का हमेशा मजाक उड़ाया करते थे, इसलिए चिड़िया का परिवार दो ग्रुप में बंट गया था। आए दिन इनके बीच हर छोटी छोटी बात में लड़ाई होती रहती थी। पर उनकी मां उन्हें हमेशा प्यार से एक साथ रहने के लिए कहती थी पर दोनों ग्रुप के चिड़िया अपनी मां की बात को नहीं मानते थे।

इस वजह से Tony हमेशा उदास रहती थी | 1 दिन काले भुरी चिड़िया का ग्रुप अपनी मां के पास जाते हैं और कहते हैं:-

मां अब आप हमारे पेड़ का बंटवारा कर दो। अब हम लोग सुंदर चिड़िया के साथ नहीं रहना चाहते। इतने में ही सुंदर चिड़िया का ग्रुप भी पास पहुंच जाता है और वह भी पेड़ का बंटवारा करने की बात कहते हैं।

इस बात से मां को बहुत हर्ट होता है पर फिर भी मां बोलती है , ठीक है आज रात को सभी सो जाओ कल सुबह बात करते हैं। सभी मां की इस बात से एग्री हो जाते हैं और सभी सोने चले जाते हैं।

जब सभी चिड़िया सो रही होती है , तभी आधी रात को वहां एक अजगर सांप आता है। मां बंटवारे वाली बात से बहुत दुखी थी , इसलिए उसे नींद नहीं आ रही थी। वह कुछ सोचते हुए डाल पर बैठी हुई होती है , तभी उसे सूखे पत्तों की आवाज आती है और वह अपने घर से बाहर देखती है।

मां घर से बाहर पेड़ पर लिपटे हुए सांप को देखकर बहुत घबरा जाती है और अपने सभी बच्चों को उठाकर उन्हें सांप के बारे में बताती है।

पहले तो सभी बच्चे बहुत डर जाते हैं पर मां उन्हें समझाती है , कि बच्चों कुछ भी हो जाए आज हमें मिलकर इस परेशानी का सामना करना है। आज तुम लोगों को आपस में नहीं लड़ना है।

अब वह सांप बहुत ही पास आ चुका होता है। तभी मां के कहने पर सारे बच्चे एक साथ सांप के ऊपर हमला बोल देते हैं।

सभी बच्चे सांप को अपनी चोंच और पंजे से नोचने लगते हैं। सांप ने इस हमले के बारे में कभी भी नहीं सोचा होता है, और घबरा कर वहां से भाग जाता है। सभी चिड़िया बहुत खुश हो जाते हैं और एक दूसरे को गले लगाते हैं , यह देखकर मां भी बहुत खुश हो जाती है।

अब उन सभी चिड़िया को समझ में आ गया था , कि साथ मिलकर रहने से उन लोगों का कोई बाल भी बांका नहीं कर सकता है।

कहानी से शिक्षा:- तो देखा बच्चों आपने कैसे चिड़िया के छोटे-छोटे बच्चों ने एक साथ मिलकर एक बड़े से सांप को भगा दिया.

ठीक ऐसे ही अगर हम भी अपने भाई बहन मम्मी पापा के साथ में मिलकर रहेंगे , तो कोई भी हमारा कुछ नहीं बिगाड़ सकता है। इसे ही कहते हैं एकता की शक्ति।



Tony Chidiya Ki Kahani 

बहुत समय पहले की बात है , चंदन वन में बहुत से जानवर रहते थे। उसी वन में Tony चिड़िया ने भी अपना घोंसला बनाया था। चंदन वन के सभी जानवर बहुत ही अच्छे नेक और दयालु थे। सभी एक दूसरे से मिलकर रहते थे पर एक दिन चंदन वन में पिंकू नाम का बहुत ही शरारती कौआ वहां आ जाता है।

पिंकू आए दिन कुछ ना कुछ बदमाशियां करते ही रहता था। जंगल के सारे जानवर पिंकू से बहुत परेशान हो गए थे। जैसे उसका रंग काला , वैसे ही उसका दिमाग भी काला था |

जिस पेड़ पर Tony चिड़िया अपने पति के साथ रहती थी , वह कौआ भी उसी पेड़ पर अपना घर बना लेता है |रोज की तरह Tony चिड़िया अपने पति के साथ मिलकर दाना लेने के लिए जाती है, पिंकू कौआ Tony चिड़िया का घोंसला जमीन में गिरा देता है।

शाम को जब Tony चिड़िया अपने पति के साथ वापस आती है , तो अपने घोसले को उसकी जगह पर ना देख कर बहुत दुखी हो जाती है।

उनका घोंसला जमीन पर गिरा देख Tony चिड़िया के पति को समझने में देर नहीं लगी , कि यह काम काले कलूठे कौवें ने ही किया था पर वह पिंकू से कुछ नहीं कहता है।

दूसरे जगह पर अपने लिए जल्दी से सुंदर और मजबूत घोसला बनाते हैं। अभी कुछ ही दिनों में बरसात भी शुरू हो जाती है , एक रात जब सभी जानवर सो रहे होते है , तभी बहुत तेज बारिश होती है, साथ में तेज हवाएं भी चल रही होती हैं।

उस रात बहुत से कमजोर पेड़ गिर जाते है। पिंकू भी जिस पेड़ पर रह रहा था , वह पेड़ भी गिर जाता है। इस वजह से पिंकू को बहुत चोट लगा जाती है। रात की तेज आंधी और चोट के वजह से पिंकू बेहोश हो गया था।

सुबह जब Tony चिड़िया अपने पति के साथ दाना लेने के लिए जाती हैं , तो रास्ते में उन्हें पिंकू दिखा जो कि बेहोश पड़ा हुआ था। दोनों को पिंकू पर दया आ जाती है।

Tony चिड़िया ने तुरंत ही डॉक्टर हाथी को बुलाया। डॉक्टर हाथी आ कर पिंकू का इलाज करते हैं, और कुछ दवाई भी देते है। Tony चिड़िया डॉक्टर हाथी से रिक्वेस्ट करती है , कि वे पिंकू को उसके घर पर भी छोड़ दे।

डॉक्टर हाथी मान जाते हैं, और पिंकू को Tony चिड़िया के घर पर छोड़ देते है। अब दोनों चिड़िया मिलकर पिंकु के खाने और रहने का इंतजाम करते हैं।

थोड़े देर के बाद पिंकू को होश आता है। उसके सामने ही Tony चिड़िया बैठी हुई थी। Tony Chidiya ने पिंकू से उसका हाल चाल पूछा। पिंकू को सारी बात बताई , कि वह कैसे बोहेश पड़ा था और कैसे उसके पति और वो दोनों मिलकर उसकी जान बचाई।

अब पिंकू को अपनी करनी पर बहुत पछतावा हो रहा था। पिंकू दोनों से माफी मांगता है और आगे से किसी को भी परेशान ना करने की कसम खाता है।

शिक्षा – तो बच्चो देखा आपने कैसे पिंकू को उसके गलत काम के लिए भगवान् ने ही कैसे punish किया | पिंकू ने मैना चिड़िया का घर तोड़ दिया था, इसलिए उसका भी घर टूट गया।

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है , कि हम जैसा काम करते हैं , हमें उसका रिजल्ट भी वैसा ही मिलता है। अगर हम अच्छा काम करेंगे , तो हमें अच्छा रिजल्ट मिलेगा और अगर हम किसी के साथ बुरा करेंगे , तो हमारे साथ भी बुरा ही होगा।



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