दो दोस्तों की कहानी | Dost Ki Kahani

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Friendship Story In Hindi 

रवि और किशन एक दूसरे के बहुत अच्छे दोस्त थे । दोनों एक ही गांव में रहते थे , वे अपना सारा काम लगभग एक साथ ही करते थे | उनकी रूचि भी एक थी और सोच भी, इसीलिए उन्हें एक दूसरे का साथ बहुत पसंद था | इनकी दोस्ती पूरे गांव में मशहूर थी | उन्हें घूमना बहुत पसंद था और इसीलिए वह आए दिन कहीं ना कहीं घूमने निकल ही जाते थे |

एक दिन दोनों दोस्त बहुत दूर की यात्रा में निकलते हैं | वह दोनों एक दूसरे से वादा करते हैं , कि चाहे जितनी भी मुश्किलें आ जाए वह एक दूसरे का साथ नहीं छोड़ेंगे | उन्हें जहां पहुंचना था , वहां जाने के लिए उन्हें जंगल का रास्ता चुनना पड़ा | दोनों  ही जंगल में बड़े ध्यान से अपना एक-एक कदम बढ़ा रहे थे | वे जंगली जानवरों से बच कर जल्द से जल्द जंगल से निकालना चाहते थे | आधे रास्ते का सफर उन्होंने बड़े ही आराम से तय कर लिया पर थोड़ा आगे जाने पर उनके साथ वही हुआ जिसका उन्हें डर था | उन्हें एक बड़ा सा भालू दिखा , जो कि उनकी ही तरफ आ रहा था।

वह दोनों उस भालू को देखकर बहुत डर जाते हैं। उन्हें समझ नहीं आ रहा होता है , कि वह क्या करें। रवि किशन से पूछ ही रहा होता है , कि अब उन्हें क्या करना चाहिए की किशन भागते हुए एक बड़े से पेड़ में चढ़ जाता है, बिना इसकी चिंता किए कि उसके दोस्त का क्या होगा | किशन को भलीभांति पता था , कि उसके दोस्त रवि को पेड़ में चडना नहीं आता और यह जानते हुए भी वह उसे अकेला छोड़ कर पेड़ में चड़ जाता है | परंतु रवि बहुत ही बुद्धिमान और समझदार इंसान था | उसने कहीं पढ़ा था की भालू मरे हुए इंसानों को नहीं छूते | तो उसने भी मरने का नाटक किया। वह वहीं जमीन पर लेट गया और थोड़ी देर के लिए अपनी सांसे रोक ली | भालू  रवि के पास आकर उसके सारे शरीर को सूंघता है |  रवि को मरा हुआ सोच कर भालू वहां से चला जाता है |

जब वह भालू रवि से बहुत दूर चला गया रवि उठ खड़ा होता है और किशन भी पेड़ से नीचे उतर जाता है |  जब भालू रवि के शरीर को सूंघ रहा था , तब किशन को ऊपर से देख कर ऐसा लग रहा था | मानो वह उसके कान में कुछ बोल रहा हूं और इसीलिए किशन रवि से पूछता है की भालू तेरे कान में क्या कह कर गया है ? इस पर रवि व्यंग कसते हुए जवाब देता है , कि उसने मुझे एक सलाह दी है , कि मुझे गलत दोस्तों से बच कर रहना चाहिए। रवि की यह बात सुनकर किशन को अपनी गलती का एहसास होता है और रवि को समझ आ जाता है , कि किशन उसका असली दोस्त नहीं है। क्योंकि एक असली दोस्त बुरे समय में आपका साथ देता है ना कि अपनी जान बचाने के लिए अपने दोस्तों का साथ छोड़ कर भाग जाता है|

इस कहानी से हमें यह शिक्षा मिलती है , कि हमें अपना दोस्त सोच समझकर बनाना चाहिए और हमें गलत और सही का फर्क करना भी आना चाहिए। जो इंसान आपका मुसीबत में साथ दें , वही आपका असली दोस्त होता है और जो मुसीबत में छोड़कर भाग जाए उससे आपको कभी दोस्ती नहीं करनी चाहिए।


तो अंत में दोस्तों आपको हमारी यह Friendship Story In Hindi कैसी लगी ? हमें कमेंट बॉक्स में जरूर बताएं और आप भी दुर्जन व्यक्तियों से दूर रहे हैं |

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